फ़लसफ़ा-ए-ज़िन्दगी…

किसी को कुछ नहीं पता की अगले पल हमारी ज़िन्दगी में क्या होने वाला है? कभी सुख तो कभी दुःख__ कुछ ऐसा ही है फ़लसफ़ा ज़िंदगी का।

कुछ सुखद तो कुछ दुःखद
हर दिन नये अनुभव कराती है
रास्ते सरल हों या हों जटिल
तलाशना रास्ते सि खाती है
लौटता नहीं बीता वक़्त कभी
हर पल की अहमियत बताती है
जब छूट रही होती है हाथों से अपने
हर साँस की क़ीमत तब समझ आती है
कभी हँसाती है, कभी रुलाती है
हर हाल में ज़िन्दगी जीना सि खाती है

– तूलिका श्रीवास्तव “मनु”