समझ ले प्यार है तुझको…

प्यार तब है जब दूसरे व्यक्ति की खुशी आपकी खुशी से अधिक महत्वपूर्ण है।

-एच. जेक्सन ब्राउन जूनियर

प्यार…ढाई अक्षर का छोटा सा शब्द जिसका अर्थ उतना ही गहरा। एक ऐसा भावनात्मक एहसास जिसे परिभाषित करना शायद संभव नहीं। हर एक रिश्ते में प्यार की अलग परिभाषा है, अलग अनुभूति है। हमें जब किसी से जुड़ी हर बात प्रभावित करे तो अवश्य ही वहाँ प्यार है। हम जिससे प्यार करते हैं उसे हमेशा ख़ुश देखना चाहते हैं, सच्चा प्यार कुछ माँगता नहीं वह तो सिर्फ देना जानता है।

अपनी हर बात कहने का मन बस उससे करे
समझ लेना प्यार है तुझे
कहती रहे वो और ख़ामोश तू सुनता रहे
समझ लेना प्यार है तुझे
ख़ुश हो अगर वो और माहौल ख़ुशनुमा लगे
समझ लेना प्यार है तुझे
वो कहे कुछ खिलखिलाकर और चेहरा तेरा हँसे
समझ लेना प्यार है तुझे
हो उदास कहीं वो और छिन जाये मुस्कुराहट तेरी
समझ लेना प्यार है तुझे
खड़ी हो जहाँ वो और मुड़ जाए हर राह तेरी वहीं
समझ लेना प्यार है तुझे
कामयाब हो वो और फ़क्र से इठलाता फिरे तू
समझ लेना प्यार है तुझे
बदलने की उम्मीद न हो उसे
खुद को बदलने का मन करे उसके लिए
समझ लेना प्यार है तुझे
शर्त न हो जीतने की उसे
ख़ुद को हार जाने का मन करे
समझ लेना प्यार है तुझे
जब अस्तित्व में डूबकर उसके
अस्तित्व तुझे अपना मिले
समझ लेना प्यार है तुझे
यक़ीनन प्यार है तुझे…हाँ! प्यार है तुझे

-तूलिका श्रीवास्तव “मनु”