माँ का प्यार…

कोई भी एक दिन माँ के त्याग और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए पर्याप्त नहीं, लेकिन वर्ष के इस दिन के माध्यम से हम सभी अपनी माँ को ढेर सारा प्यार और धन्यवाद दे सकते हैं, जो ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में हम कभी-कभी भी करना भूल जाते हैं।
मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनायें

           ~~ माँ का प्यार ~~

ख़ुद रहकर तक़लीफ़ में भी, जो देती रही हमको खुशी
भूखी रही खुद पर हमें, सोने न दिया भूखा कभी
त्याग और समर्पण हर एक माँ के गले का हार है
वो जो प्राणों में बसा है, माँ का प्यार है

ग़मो की तपती धूप सही ख़ुद, हमको छाँव में रखा सदा ही
मुश्किलें जितनी भी आयीं, ढाल बनके खड़ी डटकर ही
हिम्मत और साहस की वो तो अद्वितिय मिसाल है
वो जो प्राणों में बसा है, माँ का का प्यार है

हताशा जब हाथ लगी तो, निराश न होने दिया कभी भी
विश्वास का संचार करके, मनोबल गिरने न दिया कभी भी
सहनशीलता और प्रोत्साहन जिसकी बातों का सार है
वो जो प्राणों में बसा है, माँ का प्यार है

शक्ति तो है कोई जो चला रही संसार, लेकिन ईश्वर को हमने देखा नहीं
माँ के रूप में पाया हमने, ईश्वर का सच्चा स्वरूप ही
हर साँस ऋणी है उसकी, लम्हा हर कर्ज़दार है
भावनायें बहुत हैं गहरी, नमन बार-बार है
वो जो प्राणों में बसा है, माँ का प्यार है