एक एहसास…

प्यार अपने आप में ही इतना गहन है कि शब्दों में बयां नही किया जा सकता तो फिर कितना मुश्किल है उसके बारे में कुछ कह पाना जिसे हम बेइन्तहां प्यार करते हैं ।

चेहरे से छलकती सादगी जिसकी
मासूमियत की वो मिसाल हो तुम
प्यार भी नहीं है प्यारा जितना
प्यारा सा वो क़माल हो तुम
दिल में रहता जो हर लम्हा
अनोखा सा वो एहसास हो तुम
अलफ़ाज़ बयाँ नहीं कर सकते जिसे
अनकहे वो जज़्बात हो तुम

  • तूलिका श्रीवास्तव “मनु”