मुस्कुरा के तो देख…

कितना अच्छा लगता है जब हम किसी को मुस्कुराते हुए देखते हैं कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ता है हमारे ऊपर तो क्यों न हम भी अपनी हर परिस्थिति में मुस्कुराना सीख लें……

अबकी बार खुलकर, मुस्कुरा कर तो देख
हँसी के ठहाके, लगा कर तो देख
माना कि ग़म की काली रात है
उम्मीदों का भी नहीं साथ है
विश्वास भरी, जगमगाती सुबह
हरा ही देगी, मायूसी की हर रात को
ज़िन्दगी जीने का जज़्बा जगा के तो देख
अबकी बार खुलकर मुस्कुरा कर तो देख

-तुलिका श्रीवास्तव “मनु”