माँ – ईश्वर का अनोखा स्वरूप

भगवान हर जगह नहीं रह सकते इसलिए उसने माँ बनायी।                                                                  – रुडयार्ड किपलिंग

भगवान हर जगह नहीं रह सकते इसलिए उसने माँ बनायी। – रुडयार्ड किपलिंग

माँ – ईश्वर की सर्वोत्तम रचना। इस दुनिया में कुछ भी अनिश्चित हो सकता है लेकिन माँ का प्यार नहीं क्योंकि एक माँ ही है जो अपने बच्चों को निश्छल और निस्वार्थ प्यार करती है।

जब से मैंने होश संभाला, अपनी मम्मी को हर दिन किसी न किसी संघर्ष से जूझते हुए पाया। फिर भी उन्होंने कभी भी अपने मनोबल और आत्मविश्वास को कम नहीं होने दिया। कहते भी हैं न कि एक औरत किसी और रिश्ते में तो कमज़ोर हो सकती है लेकिन एक माँ कभी कमज़ोर नहीं होती।

मेरी मम्मी भी मेरे लिए हमेशा ढाल बनकर खड़ी रहीं।सारी परेशानियों को खुद ही ओढ़कर उन्होंने कभी मुझे किसी कमी का एहसास नहीं होने दिया। एक वो ही हैं जो मेरी खुशी में हमेशा बहुत खुश हुईं और मेरे दुख में सबसे ज़्यादा दुखी। परिश्रम, साहस, ईमानदारी और सही-ग़लत की पहचान उन्होंने ही मुझे सिखायी। जब भी मैं असफल हुई और उम्मीद छोड़ने लगी तो उन्होंने हमेशा मेरी ताकत बनकर मुझे फिर से खड़े होने का विश्वास दिलाया।

इन कुछ पंक्तियों के माध्यम से मैंने अपनी मम्मी के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास किया है।

कठिन नहीं है असंभव
बना सकूँ शब्दों का विस्तृत जाल
समेट सके जो स्नेह आपका
व्यक्त कर सके आपका आभार
कदम-कदम पर प्रोत्साहन आपका
चाहा जब भी मिला हर बार
ऐसा त्याग, ऐसा समर्पण
सहनशीलता और ऐसा प्यार
ईश्वर की एक अनुपम कृति
हृदय में विशालता अपार
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें
शत-शत नमन आपको बार-बार

तूलिका श्रीवास्तव “मनु”

शायद माँ होती ही ऐसी हैं। लेकिन क्या आपने कभी अपनी माँ को अपनी भावनायें बताई हैं? आजकल हम सभी अपनी ज़िंदगी में इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपनी माँ से कुछ देर बात करने का समय भी हमारे पास नहीं। ज़िन्दगी है तो हमारे काम, हमारी व्यस्तता, हमारी ज़िम्मेदारियाँ, हमारे सपने और उन सपनों को पूरा करने के अवसर हमेशा ही रहेंगे लेकिन हमारी माँ और उनका प्यार हमेशा हमारे पास नहीं रहेगा।

मैं आप सभी से निवेदन करना चाहूँगी की जिस माँ की वजह से आपका इस दुनिया में अस्तित्व है और जिसके अनगिनत त्यागों की वजह से आज आपकी पहचान है, उन्हें अपना पूरा प्यार और समय दीजिये। अपनी भावनायें उन्हें बताइये और बताइये की वो आपके लिये कितनी ख़ास हैं। उन्हें कुछ वजह ऐसी ज़रूर दीजिए जिससे उनके चेहरे पर मुस्कराहट आ सके। कल कभी नहीं आता इसलिए अपनी माँ के प्रति अपना आभार व्यक्त करने में बिल्कुल भी देर न करें…. पता नहीं यह अवसर आपको फिर मिले न मिले।