About

गणित में स्नातकोत्तर होने के बाबजूद हिंदी के प्रति एक अलग ही रुझान है। मेरे पिता जी एक बेहतरीन साहित्यकार थे। थोड़ा बहुत जो लिख पाती हूँ वह शायद मुझे विरासत में मिला है। मेरी माता जी भी कभी गीत, कभी कहानियाँ लिखकर हिंदी साहित्य में अपना योगदान देती रहती हैं। लेखन के अलावा मेरा आर्ट और क्राफ्ट्स में विशेष रुझान है। इसी शौक के चलते मैं बहुत सी कलाकृतियाँ और हस्तशिल्प बनाती रहती हूँ। कुछ भी लिखती या बनाती हूँ तो एक असीमित सुख की प्राप्ति होती है। संगीत में भी मेरी विशेष रुचि है।