मानवता का दूसरा नाम…सोनू सूद

आप किसी की मुस्कुराहट का कारण बनो। ऐसा कारण जिससे कोई भी व्यक्ति प्रेम महसूस करे और लोग अच्छाई पर विश्वास करें।  -रॉय. टी. बेनेट

मानवता शब्द को अगर सही मायनों में किसी ने सार्थक किया है तो वो हैं सोनू सूद जी। आजकल के समय में जब हर इंसान इतना स्वार्थी हो गया है सोनू जी ने इंसानियत पे लोगों का विश्वास फिर से लौटा दिया है। जब सारा संसार एक भयावह महामारी से जूझ रहा है और डरा हुआ है, सोनू जी ने निर्भय होकर इन विषम परिस्थितियों में तन, मन, धन हर तरह से सभी ज़रूरतमंद लोगों की सहायता करी। उन्होंने क्या-क्या करा इसकी व्याख्या करना, सूरज को चिराग़ दिखाने के समान है। मुझे सोनू सूद जी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और आज मैं अपने आप को बहुत गौरवान्वित महसूस करती हूँ। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वो हमेशा हर ज़रूरतमंद के लिए मसीहा बनकर ऐसे ही खड़े रहें।

मैं एक स्वरचित कविता “चुटकी भर ख़ुशी” सोनू सूद जी को समर्पित करना चाहती हूँ। इस कविता के शब्द उनके ही व्यक्तित्व को दर्शाते हैं।

चुटकी भर ख़ुशी

चुटकी भर ख़ुशी थोड़ी सी हँसी
कैसे मिलेगी ये चुटकी भर ख़ुशी
आसान बहुत है पाना इसको
ये तो बस है चुटकी भर ख़ुशी

हँसा दो किसी रोते हुए को
साथ थोड़ा बस खिलखिला दो
आँसुओं को पोंछ कर
लौटा दो मुस्कुराहटें किसी की
मिल जायेगी तुझे चुटकी भर खुशी

सम्मान जो खोया किसी ने अपना
हक़दार भी न हो जिसका वो तो
गले लगा लो अपनेपन से
इज़्ज़त देकर उसे थोड़ी सी
मिल जायेगी तुझे चुटकी भर खुशी

अभावों में जो है जी रहा
दुःख झेल रहा जो हर पल ही
बाँटकर ग़म थोड़े से उसके
हाथ बढ़ा दो मदद का भी
मिल जाएगी तुझे चुटकी भर ख़ुशी

पाने का नहीं, देने का नाम है ख़ुशी
पकड़ने का नहीं, लुटाने का नाम है ख़ुशी
जीकर तो देखो एक बार दूसरों के लिए
मिल जाएगी तुझे
चुटकी भर नहीं, मुठ्ठीभर
ख़ुशी

-तूलिका श्रीवास्तव “मनु”

Author: तूलिका श्रीवास्तव "मनु"

जब कोई भी बात मेरे मन-मस्तिष्क को झकझोर देती है तो मैं लिखने के लिए विवश हो जाती हूँ।

4 thoughts on “मानवता का दूसरा नाम…सोनू सूद”

  1. लेखनी कमाल है। सोनू सूद जी ने जो कुछ भी किया है वह वाकई काबिले तारीफ़ है।
    कविता का एक एक शब्द दिल से लिखा हुआ और सोनू जी के व्यक्तित्व को बखूबी दर्शाता है।

    Like

  2. Mast likhi Tulika…. A big salute to sonu soodji for doing help for the needy and 🎩 🎩 off to you and your Kavita…..

    Like

Leave a Reply to Kiran Pant Cancel reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s